मैं Parent Zone की फ़ाउंडर और चीफ़ एक्ज़िक्यूटिव ऑफ़िसर के तौर पर, पिछले बीस सालों से माता-पिता को डिजिटल दुनिया को नेविगेट करने के बेहतरीन तरीके बताने में मदद कर रही हूँ. हर साल, अवसर बदलते हैं और कभी-कभी नई चुनौतियाँ आती हैं. हमारे टीनएजर बच्चों को टेक्नोलॉजी को अपनाते, नई स्किल्स सीखते और मज़ेदार तथ्यों के बारे में जानते हुए देखकर बहुत अच्छा लगता है. साथ ही, यह पक्का करना भी एक कुशलता है कि वे ऐसा सुरक्षित तरीके से और ज़िम्मेदारी के साथ कर रहे हैं. इसलिए टीनएजर बच्चों द्वारा पहले से उपयोग किए जा रहे ऐप्स में मैंने माता-पिता द्वारा चलाए जाने वाले ज़्यादा प्रैक्टिकल टूल्स देखे हैं. ऐसे टूल्स जिनकी मदद से बच्चे की एक्टिविटी पर नज़र रखना आसान हो जाता है जैसे Meta के फ़ैमिली सेंटर में निगरानी का फ़ीचर.एक ही आमंत्रण से, आप Instagram, Facebook, Messenger और Meta Horizon पर निगरानी फ़ीचर सेट कर सकते हैं और एक डैशबोर्ड से सभी चीज़ें मैनेज कर सकते हैं. इसका मतलब है कि आप एक ही जगह पर हाल ही के कनेक्शन देख सकते हैं, बिताए गए समय की निगरानी कर सकते हैं और सीमाएँ सेट कर सकते हैं. आप और आपका टीनएजर बच्चा साथ मिलकर तय करते हैं कि कितनी निगरानी सही रहेगी.
माता-पिता की राय मायने रखती है
सबूत हमें बताते हैं कि माता-पिता का साथ होना वाकई असरदार साबित होता है. जब बात टीनएजर बच्चे की उन स्किल, नॉलेज और व्यवहारों के विकास की होती है, जो उनके सुरक्षित रहने और मौज-मस्ती करने के लिए ज़रूरी हैं, तो माता-पिता का व्यवहार बहुत मायने रखता है. कभी-कभी इसे डिजिटल रेज़िलियंस कहा जाता है, लेकिन मेरा पसंदीदा शब्द जो बताता है कि माता-पिता हर दिन क्या करते हैं वह है 'ऑर्डिनरी मैजिक'. चाहे आप इसे कैसे भी करें, आपका तरीका कुछ भी हो, लेकिन अपने टीनएजर बच्चे को गाइड करने और उन्हें आत्मविश्वास से भरपूर वयस्क बनाने के लिए आपके द्वारा दिया गया समय बहुत ही महत्वपूर्ण और खास होता है; यह जादू की तरह है. Meta ने पहले से ही कुछ ज़रूरी डिफ़ॉल्ट सेटिंग कर दी हैं — टीनएजर अकाउंट अपने आप प्राइवेट पर सेट होते हैं, अनजान लोगों के मैसेज प्रतिबंधित होते हैं और संवेदनशील कंटेंट सीमित होता है. फ़ैमिली सेंटर में मौजूद निगरानी वाले टूल्स की मदद से आप समय-सीमा, एक्टिविटी इनसाइट वगैरह के ज़रिए उस बुनियाद को मज़बूत कर सकते हैं.निगरानी और सपोर्ट
सबसे अच्छे टूल बातचीत की जगह नहीं लेते लेकिन उनके ज़रिए बातचीत शुरू करना और उन सीमाओं का पालन करना आसान बन सकता है, जिन पर आपने सहमति दी है. डिजिटल दुनिया में माता-पिता के लिए चीज़ें आसान हैं. यहाँ उपलब्ध टूल्स माता-पिता को कंट्रोल देने, उनके टीनएजर बच्चे के हिसाब से उचित सीमाएँ सेट करने और आपस में सार्थक बातचीत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं.एक से भले दो
सेटअप का प्रोसेस आसान होना सिर्फ़ एक शुरुआत है. मुझे पता है कि आगे जो करना है, वह मुश्किल हो सकता है. किसी टीनएजर बच्चे से इस बारे में बात करना कि वे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर क्या कर रहे हैं, कितना समय बिता रहे हैं और उनके लिए क्या एक उचित सीमा हो सकती है, इससे वे आपके साथ खुलकर बातचीत कर सकते हैं. टीनएजर बच्चों को इसी तरह से सिखाया जाता है. एक वयस्क पुत्र की माँ के तौर पर, मुझे वे दिन याद हैं जब हमारा विवाद इस बात पर होता था कि एक टीनएजर बच्चे के लिए गेम खेलने में कितना समय बिताना सही है. उसके हिसाब से पूरा दिन ही सही था, लेकिन मैंने एक दूसरी सीमा बना दी. मुख्य बात यह है कि आप बातचीत करें और साथ मिलकर काम करने की कोशिश करें. अपने टीनएजर बच्चे को अपना नज़रिया समझाने का मौका देने से आपको सोचने-समझने के बाद जवाब देने का मौका मिलता है. जब वे आपको बताएँ कि उन्हें क्या चीज़ गलत लगती है, तो आप हर एक समस्या का समाधान कर सकते हैं. अगर उन्हें लगेगा कि उनकी बात सुनी जा रही है और वे आपके नियमों के पीछे की वजहों को समझ लेंगे, तो इस बात की ज़्यादा संभावना है कि वे उन नियमों का पालन करेंगे.आपसी समझ
पेरेंटिंग में कभी भी कोई चीज़ सीधी नहीं होती है. बहस होना स्वाभाविक है, हम सभी के जीवन में कभी न कभी ऐसा दिन आता है जब सब कुछ हमारे हिसाब से नहीं चलता है. यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप चीज़ों को आसान बना सकते हैं और मैंने इन्हें कारगर पाया है:- जानें कि कब रुकना है. अगर आपका टीनएजर बच्चा तनाव में है या परेशान है, तो इंतज़ार करना सबसे अच्छा है. भले ही आपके पास कुछ ऐसा हो जो आप कहना चाहते हों या जो आपको वाकई महत्वपूर्ण लगता हो, लेकिन जब तक सही समय नहीं आता, तब तक बात का कोई असर नहीं पड़ेगा. आपको पता चल जाएगा कि वह बात कब कहनी है. हो सकता है यह मौका तब मिले जब आप कार में हों या डिनर कर रहे हों. ऐसा समय चुनें जिसमें वे सुकून में हों और बातचीत करने के लिए तैयार हों. ज़बरदस्ती करने से बचें, क्योंकि ऐसा करने से परिणाम कभी अच्छे नहीं मिलते.
- अपना नज़रिया बदलने के लिए तैयार रहें. टीनएजर बच्चों के लिए यह ज़रूरी है कि उनकी बात सुनी जाए. समझौता करने की आपकी इच्छा, चाहे वह कभी-कभार ही क्यों न हो, यह बताती है कि आप उनकी बात सुन रहे हैं और आप उनका नज़रिया समझते हैं. मैंने अक्सर अपने शुरुआती पॉइंट के तौर पर एक सख्त नियम का सुझाव दिया, ताकि अगर कोई चीज़ काम न करे, तो दूसरी चीज़ तुरंत लागू की जा सके!
- बार-बार कोशिश करना. आपके टीनएजर बच्चे की उम्र 13 साल होने पर जो चीज़ सबसे सही हो सकती है, वही शायद 14 साल के होने पर सही न हो. सोमवार को जो बात उन्हें परेशान कर रही थी, हो सकता है कि बुधवार तक वह समस्या ही न रहे. उनके डिजिटल अनुभवों के बारे में बातचीत नियमित रूप से होनी चाहिए और टीनएजर बच्चों को सीमाओं की याद दिलाना ज़रूरी है. सेटिंग्स को अपडेट किया जाना चाहिए और नियमों पर फिर से विचार किया जाना चाहिए. डिजिटल पेरेंटिंग किसी कसरत की तरह है. आपको इसे कारगर बनाने के लिए इसे करते रहना होगा.
मन की शांति
अच्छी बात यह है कि भले ही कभी-कभी आपको लगे कि आप हार रहे हैं, लेकिन आखिर में आपकी मेहनत रंग लाती है. कुछ चीज़ें कंट्रोल करने के लिए टूल्स का उपयोग करना, अपने टीनएजर बच्चों के साथ नियमित रूप से खुलकर बातचीत करना और अपने पालन-पोषण से जुड़ी सभी स्किल को एक साथ लाना कारगर साबित होगा. अगर आप इसकी शुरुआत करने के लिए कोई आसान तरीका चाहते हैं, तो Meta के निगरानी वाले टूल्स आपकी मदद कर सकते हैं. इन टूल्स की मदद से आप सभी ऐप्स पर सीमाएँ तय कर सकते हैं और बातचीत जारी रख सकते हैं—साथ ही, ये टूल आपके टीनएजर बच्चे को भरोसा दिलाते हैं और उन्हें आज़ादी भी देते हैं.यह आसान नहीं है, खास तौर पर इसलिए क्योंकि ये ऐसी चुनौतियाँ हैं जिनका सामना माता-पिता को पहले कभी करना नहीं पड़ा है. डिजिटल पेरेंटिंग प्लेबुक का अब तक कोई दूसरा संस्करण नहीं आया है. अच्छी बात यह है कि Meta के फ़ैमिली सेंटर पर ऐसे बहुत सारे बेहतरीन रिसोर्स उपलब्ध हैं, जिनसे मदद मिल सकती है, जैसे कि डिजिटल वेलनेस से जुड़ी बातचीत के लिए सुझाव, माता-पिता के लिए गाइड वगैरह. उन्हें देखें और इस सफ़र का आनंद लें, क्योंकि उनकी बात सच है: वे बहुत जल्दी बड़े हो जाते हैं.ऑथर की जानकारी
विकी शॉटबोल्ट, Parent Zone की फ़ाउंडर और CEO हैं. यह संगठन 40 से ज़्यादा देशों में परिवारों और युवाओं के साथ काम करता है.फ़ीचर्स और टूल्स
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