बच्चों की देखभाल करने वालों के लिए ब्लैकमेल (सेक्सटॉर्शन) पर रोक लगाने वाले रिसोर्स, जो Thorn ने तैयार किए हैं और Facebook ने अपनाए हैं. ये उन सभी लोगों के लिए उपलब्ध हैं, जिन्हें ब्लैकमेल (सेक्सटॉर्शन) के संबंध में सपोर्ट और जानकारी चाहिए.
जीवन की सभी चुनौतियों में, जिनमें ऑनलाइन रहना भी शामिल है, आपके टीनएजर बच्चे आपके सपोर्ट और सलाह की वजह से सुरक्षित रहते हैं. ब्लैकमेल (सेक्सटॉर्शन) जैसी मुश्किल (और कभी-कभी खतरनाक) स्थितियों से अपने टीनएजर बच्चे को बचाने के लिए, आप इन चीज़ों की मदद ले सकते हैं.
यह मुश्किल भरा है, लेकिन आप यह गाइड पढ़कर अच्छा काम कर रहे हैं. आपके आगे के एक्शन: इस बारे में अपने टीनएजर बच्चों से बात करें और फिर अपने दोस्तों से इस बारे में बात करें.
ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में अपने टीनएजर बच्चों से बात करें
अश्लील मैसेज (सेक्स्टिंग) के बारे में बात करना, शुरुआत करने का आसान तरीका है और इस तरीके से युवा समझते भी हैं. सेक्स्टिंग का मतलब अश्लील मैसेज या नग्न या फिर अर्धनग्न फ़ोटो शेयर करना या पाना होता है. यह आम तौर पर ऑनलाइन होता है. यहाँ शुरुआत करने से जुड़ी कुछ बातें बताई गई हैं:
- क्या आपको कभी किसी ने निजी फ़ोटो या अश्लील मैसेज भेजा है? (अगर आपको यह ठीक लगे, तो आप सिर्फ़ अश्लील मैसेज या सेक्स्ट भी कह सकते हैं.)
- क्या कभी किसी ने आपसे अंतरंग फ़ोटो या अश्लील मैसेज भेजने के लिए कहा है या इसके लिए दबाव बनाया है? (उन्हें बताएँ कि जो भी उन पर अंतरंग फ़ोटो भेजने का दबाव बनाए, ऐसे लोगों पर उन्हें भरोसा नहीं करना चाहिए.)
- क्या आपको लगता है कि अन्य लोगों की अंतरंग या शर्मिंदा करने वाली फ़ोटो को फ़ॉरवर्ड करना सही है? ऐसा क्यों? (इन फ़ोटो को फ़ॉरवर्ड न करने की अहमियत उन्हें अच्छी तरह समझाएँ. उस फ़ोटो में जो व्यक्ति है, उसे इससे बहुत परेशानी हो सकती है और उसे फ़ॉरवर्ड करने से आपका टीनएजर बच्चा भी मुसीबत में फँस सकता है. साथ ही, किसी का शरीर कौन देखे, यह तय करने का अधिकार किसी को भी नहीं है.)
हर हाल में उनका साथ दें
ब्लैकमेल (सेक्सटॉर्शन) झेल रहे युवा मुसीबत में फँसने की बात सोचकर डर सकते हैं. उन्हें इस बात को लेकर चिंता हो सकती है कि इससे उनके माता-पिता को शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी या उन्हें स्कूल से निकाल दिया जाएगा, उनके दोस्त उन्हें गलत समझेंगे या फिर उन्हें पुलिस का सामना करना पड़ेगा. हो सकता है कि दुर्व्यवहार करने वाला व्यक्ति ही उन पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए उन्हें इस तरह से डराए और अफ़सोस की बात है कि ऐसा होता भी है. यही डर युवाओं को चुप रहने पर मजबूर करता है और इसके बहुत बुरे परिणाम सामने आए हैं.
आपके अंदर डर और निराशा होना सामान्य है, लेकिन आपके टीनएजर बच्चे के लिए यह जानना ज़रूरी है कि आप साथ मिलकर मुश्किल हालातों से ज़रूर उबर जाएँगे. भले ही आपको लगता हो कि उन्हें पता है कि आप उनका साथ देंगे, फिर भी इस तरह की बातचीत करने से बहुत फ़र्क पड़ सकता है. खासकर तब, जब उन्हें कुछ गलत लगे या कुछ गलत हो जाए और वे अपने अनुभव आपके साथ शेयर करना चाहें.
समय के साथ सीखते रहें
माता/पिता होने की ज़िम्मेदारी निभाना चुनौती भरा हो सकता है. आज की टेक्नोलॉजी में हो रहे तेज़ बदलावों के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल है. नए ऐप डाउनलोड करें और उन्हें आज़माएँ. अपने टीनएजर बच्चे से पूछें कि उसके पसंदीदा ऐप कौन-से हैं. आप अपने टीनएजर बच्चे से इस बारे में जितनी ज़्यादा बात करेंगे, यह समझना उतना ही आसान होगा कि कहीं कुछ बुरा तो नहीं हो रहा है और उनके लिए भी आपके साथ किसी भी असहज स्थिति को शेयर करना उतना ही आसान हो जाएगा.
हमारा सुझाव है कि आप माता-पिता और परिवारों के लिए उपलब्ध हमारे रिसोर्स के बारे में जानें. चाहे आपका या आपके टीनएजर बच्चे का Facebook या Instagram अकाउंट हो, हमारे पास कुछ ऐसे उपयोगी लिंक, सुझाव और तरकीबें हैं, जिनसे आप अपने अनुभव का पूरा फ़ायदा उठा पाएँगे. साथ ही, इनसे आपके टीनएजर बच्चे को अपने ऑनलाइन अनुभव को नेविगेट करने में मदद मिलती है.
सभी को बताएँ
एक-दूसरे को जागरूक बनाकर, हम बेहतर तरीके से अपने युवाओं की सुरक्षा कर सकते हैं. Thorn का "ब्लैकमेल (सेक्सटॉर्शन) रोकें" वीडियो अपने टीनएजर बच्चों और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें. ब्लैकमेल (सेक्सटॉर्शन) के कुछ आम तरीकों के बारे में लोगों को जितनी ज़्यादा जानकारी होगी, इन स्थितियों का सामना करने के लिए वे उतनी ही अच्छी तरह तैयार होंगे.