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भारत

निजी पलों की फ़ोटो शेयर (नहीं) करने के बारे में अपने टीनएजर बच्चों से बात करना

Meta का लेख

13 मार्च, 2024

  • Facebook का आइकन
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दो लोग डेस्क पर बैठे हैं और साथ में लैपटॉप की तरफ़ देख रहे हैं.
जब माता-पिता अपने टीनएजर बच्चों से निजी पलों की फ़ोटो के बारे में बात करते हैं, तो वे आम तौर पर उन्हें दो बातें कहते हैं: पहली यह कि उन्हें इस तरह की कोई भी फ़ोटो किसी को नहीं भेजनी चाहिए और दूसरी यह कि अगर वे ऐसी फ़ोटो भेजते हैं, तो इसके सबसे बुरे परिणाम क्या हो सकते हैं. यह बात सच है कि कुछ देशों में निजी पलों की फ़ोटो भेजना गैर-कानूनी हो सकता है. लेकिन इस तरीके को अपनाकर इन फ़ोटो को भेजने से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या दूर नहीं होती है, बल्कि इसके परिणाम उम्मीद के उलट हो सकते हैं. अगर हम सिर्फ़ निजी पलों की फ़ोटो भेजने के खतरों के बारे में बात करते हैं, तो फ़ोटो भेजने वाले की सहमति के बिना उस फ़ोटो को शेयर करने वाले बच्चों को ऐसा लग सकता है कि वे कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं. ऐसे में अन्य टीनएजर बच्चों को घटना का पता चलने पर, हो सकता है कि वे फ़ोटो शेयर करने वाले व्यक्ति के बजाय पीड़ित को ही दोषी ठहराएँ.

अच्छी बात यह है कि रिसर्च से पता चला है कि हम जितना सोचते हैं, उससे बहुत ही कम टीनएजर निजी पलों की फ़ोटो किसी को भेजते हैं, मतलब दस में से एक ही बच्चा ऐसा करता है.

ध्यान रखें कि टीनएजर उन्हें ”निजी पलों की फ़ोटो” नहीं कहते हैं. उनकी भाषा में ऐसी फ़ोटो को “न्यूड्स” कहा जाता है या सिर्फ़ “पिक्स” या ऐसा ही कोई और शब्द हो सकता है.

कनाडा के रिसर्चर्स ने पता लगाया है कि ज़्यादातर टीनएजर बच्चों ने निजी पलों की फ़ोटो भेजी नहीं थीं, बल्कि उन्हें ऐसी फ़ोटो मिली थीं. इसलिए हमें लगता है कि ऐसी फ़ोटो तो हर कोई भेज रहा है, लेकिन यह सच नहीं है. टीनएजर इस बात को लेकर बहुत ही संवेदनशील होते हैं कि उनके दोस्त और साथी क्या कर रहे हैं: अगर उन्हें लगता है कि कोई चीज़ ज़्यादातर लोग कर रहे हैं, तो उन्हें ऐसा लगता है कि वे भी ऐसा कर सकते हैं. अपने बच्चों को यह बताना सबसे ज़रूरी है कि यह सच नहीं है कि “सभी ऐसा कर रहे हैं.” उन्हें इस बात का ध्यान रखने को भी बोलें कि कोई उन पर उनके निजी पलों की फ़ोटो भेजने के लिए दबाव न डाल सके.

माता-पिता को अपने बच्चों को दूसरी बात यह बतानी चाहिए कि अगर कोई उन्हें किसी के निजी पलों की फ़ोटो भेजे, तो वे क्या करें. इस बात को सम्मान और सहमति का सवाल बनाकर पूछें: अगर कोई आपको अपने निजी पलों की फ़ोटो भेजता है, तो इसका मतलब है कि उन्होंने आपको उसे देखने की सहमति दी है, न कि इस बात की सहमति कि आप उसे किसी और को दिखाएँ.

इस बारे में हम सही फ़ैसले लेने में अपने टीनएजर बच्चों की मदद कैसे कर सकते हैं कि अगर कोई उन्हें निजी पलों की फ़ोटो भेजे, तो वे क्या करें?

सबसे पहले, अपने बच्चों को बताएँ कि अगर कोई उन्हें निजी पलों की ऐसी फ़ोटो भेजता है, जिसे उन्होंने नहीं माँगा था, तो उन्हें उसे तुरंत डिलीट कर देना चाहिए या उस व्यक्ति से कहना चाहिए कि वह आगे से ऐसी फ़ोटो न भेजे (बशर्ते कि वे उस व्यक्ति को असल ज़िंदगी में जानते हों) या (अगर वे उसे नहीं जानते हों या उससे सिर्फ़ ऑनलाइन जुड़े हों, तो) उस व्यक्ति को ब्लॉक कर दें, ताकि वह उनसे संपर्क न कर पाए. अगर वह व्यक्ति निजी पलों की फ़ोटो भेजना जारी रखता है, तो उन्हें पुलिस के पास जाने के बारे में आपसे या किसी भरोसेमंद वयस्क से बात करनी चाहिए.

इसके बाद, उनसे इस बारे में बात करें कि उन्हें निजी पलों की उन फ़ोटो का क्या करना चाहिए, जो उन्होंने माँगी थीं या जिन्हें पाकर उन्हें खुशी हुई.

उनसे कहें कि वे खुद से ये सवाल पूछें:

  • इस फ़ोटो में जो व्यक्ति है, क्या वह चाहता था कि इसे शेयर किया जाए?
  • अगर इस फ़ोटो में मौजूद व्यक्ति के अलावा किसी और ने फ़ोटो भेजी है, तो क्या उनके पास उस व्यक्ति की परमिशन है जो इस फ़ोटो में है?
  • अगर कोई व्यक्ति मेरी इस तरह की फ़ोटो किसी के साथ शेयर करे, तो मुझे कैसा लगेगा?
रात के समय कार में बैठकर फ़ोन चलाती हुई लड़की.
इसका एक बहुत ही आसान सा नियम है: अगर आपको पक्के तौर पर नहीं पता है कि फ़ोटो में मौजूद व्यक्ति (या लोग) दूसरों के साथ इस फ़ोटो को शेयर करना चाहते हैं या नहीं, तो फ़ोटो को शेयर न करें.
समस्या यह है कि एकदम स्पष्ट नियम होने के बावजूद इंसान उसे न मानने के बहाने ढूँढ लेता है. इसे कहते हैं नैतिक उदासीनता और इस वजह से बच्चों के द्वारा किसी के निजी पलों की फ़ोटो शेयर करने की आशंका बढ़ जाती है.

इसलिए उस नियम के साथ-साथ, हमें नैतिक उदासीनता के चार मुख्य तरीकों से सीधे निपटना होगा:

इस बात को न मानना कि निजी पलों की फ़ोटो शेयर करने से किसी को नुकसान पहुँचता है.

वे कहते हैं: “अगर न्यूड (नग्न फ़ोटो) को दूसरे लोग पहले ही देख चुके हैं, तो अब उसे शेयर करने में क्या बुराई है.”

तब आपको यह जवाब देना चाहिए: आप जब भी किसी की निजी पलों की फ़ोटो शेयर करते हैं, तो आप हर बार उस फ़ोटो में मौजूद व्यक्ति को नुकसान पहुँचाते हैं. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आप फ़ोटो शेयर करने वाले पहले इंसान हैं या आखिरी.

निजी पलों की फ़ोटो शेयर करने को यह कहते हुए सही ठहराना कि उससे फ़ायदे भी होते हैं.

वे कहते हैं: “अगर किसी लड़की की फ़ोटो शेयर होती है, तो दूसरी लड़कियों को वैसी फ़ोटो भेजने के खतरों के बारे में पता चलता है.”

तब आपको यह जवाब देना चाहिए: गलत तरीकों से सही परिणाम नहीं मिलते हैं! लोगों को यह बताने के ऐसे कई तरीके हैं कि निजी पलों की फ़ोटो शेयर करना गलत है, ताकि किसी को बुरा भी न लगे. (और एक बात, किसी को निजी पलों की फ़ोटो शेयर न करने के बारे में बताना आपकी ज़िम्मेदारी कैसे है?)

गलती के लिए खुद को ज़िम्मेदार न मानना.

वे कहते हैं: “अगर मैं किसी और की न्यूड फ़ोटो किसी एक व्यक्ति के साथ शेयर करूँ, लेकिन वह उसे अन्य लोगों के साथ शेयर कर दे, तो उसमें मेरी क्या गलती.”

तब आपको यह जवाब देना चाहिए: अगर कोई आपको अपने निजी पलों की फ़ोटो भेजता है, तो इसका मतलब है कि उन्हें भरोसा है कि आप उसे प्राइवेट रखेंगे. उसे सिर्फ़ एक इंसान के साथ भी शेयर करना धोखेबाज़ी है.

पीड़ित को दोषी ठहराना.

वे कहते हैं: “अगर ब्रेकअप के बाद किसी लड़की की फ़ोटो शेयर कर दी जाएँ, तो उसे आश्चर्य नहीं होना चाहिए.”

तब आपको यह जवाब देना चाहिए: “लड़के तो ऐसे ही होते हैं” कहकर या लड़की को “इस बारे में पहले सोचना चाहिए था” कहकर अपनी गलती को सही मत ठहराओ. आपको किसी के निजी पलों की फ़ोटो मिलने पर आपके दोस्त और साथी आप पर उसे शेयर करने का दबाव डाल सकते हैं, लेकिन अगर किसी ने आपको ऐसी फ़ोटो भेजी है और आप उनकी परमिशन के बिना इसे शेयर करते हैं, तो उसके लिए आप ही दोषी माने जाएँगे.

पीड़ित को दोषी ठहराना, यह भी एक वजह है, जिसके चलते हमें टीनएजर बच्चों को निजी पलों की फ़ोटो शेयर न करने के बारे में समझाने पर ध्यान देना चाहिए और हमें बच्चों को यह बताकर डराने की कोशिश क्यों नहीं करनी चाहिए कि अगर वे ऐसी फ़ोटो भेजते हैं, तो उसके क्या बुरे परिणाम हो सकते हैं. ये दोनों ही बातें, टीनएजर बच्चों को फ़ोटो शेयर करने वाले के बजाय फ़ोटो भेजने वाले को दोषी ठहराने के लिए उकसाती हैं. इसके बजाय, यह पक्का करें कि जब कोई व्यक्ति आपके टीनएजर बच्चे को निजी पलों की फ़ोटो भेजे, तो वे हमेशा सही फ़ैसला लें.

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